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आमामोरा में विकास की नई सुबह, जनसमस्या निवारण शिविर में 14 आवेदनों का मौके पर निराकरण

गरियाबंद | जिले के विकासखंड मुख्यालय से मीलों दूर, घने जंगलों और ऊंचे पहाड़ों के बीच बसे ग्राम आमामोरा में आज विकास की एक नई सुबह देखी गई।

शासन-प्रशासन के निर्देशानुसार यहाँ के शासकीय आदिवासी छात्रावास परिसर में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन इसलिए भी खास रहा क्योंकि दशकों बाद जिला स्तर के तमाम आला अधिकारी एक साथ इस दुर्गम क्षेत्र में ग्रामीणों के बीच पहुंचे थे।

जनप्रतिनिधि और प्रशासन का संयुक्त संकल्प

शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे बिन्द्रनवागढ़ विधायक श्री जनक ध्रुव ने भावुक संबोधन में कहा कि आमामोरा क्षेत्र के ग्रामीण अब तक जिन बुनियादी सुविधाओं के अभाव में जी रहे थे, उन्हें दूर करना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, “यहाँ पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं। हम सौर ऊर्जा की क्षमता बढ़ाएंगे ताकि हर घर रोशन हो और शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी।”

जिला पंचायत सदस्य श्री संजय नेताम ने कहा कि कमार और भुंजिया जैसी अति पिछड़ी जनजातियों के इस क्षेत्र में अब विकास को कोई नहीं रोक पाएगा। उन्होंने ग्रामीणों को बेझिझक अपनी मांगें रखने के लिए प्रेरित किया।

कलेक्टर और एसपी ने दिए त्वरित समाधान के निर्देश

कलेक्टर श्री बीएस उइके ने शिविर में मौजूद ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। उन्होंने घोषणा की कि क्षेत्र में जर्जर आंगनबाड़ी भवनों की मरम्मत तत्काल शुरू होगी और सप्ताह में दो दिन स्वास्थ्य टीम अनिवार्य रूप से गांव आएगी। कलेक्टर ने 40 लंबित वन अधिकार पट्टों को शीघ्र संधारित कर वितरित करने के निर्देश भी दिए।

पुलिस अधीक्षक श्री वेदव्रत सिरमौर ने क्षेत्र की सुरक्षा और समृद्धि पर बात करते हुए बताया कि आमामोरा में जल्द ही एक पुलिस केंद्र खोला जाएगा। उन्होंने स्थानीय युवाओं से अपील की कि वे नशे से दूर रहकर पर्यटन के क्षेत्र में (ट्रेकिंग, मड-हाउस) रोजगार के अवसर तलाशें।

मौके पर मिला लाभ: 14 आवेदन और त्वरित निराकरण

शिविर की सबसे बड़ी सफलता यह रही कि ग्रामीणों से प्राप्त सभी 14 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर दिया गया। विभागीय स्टॉल्स के माध्यम से ग्रामीणों को शासन की योजनाओं की जानकारी दी गई:

  • समाज कल्याण: 05 हितग्राहियों को सहायक उपकरण (छड़ी) वितरित किए गए।
  • महिला एवं बाल विकास: महिलाओं की गोदभराई और बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार संपन्न हुआ।
  • स्वास्थ्य शिविर: बड़ी संख्या में ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच कर निःशुल्क दवाइयां दी गईं।

इस शिविर के आयोजन से न केवल आमामोरा बल्कि ओढ़ क्षेत्र के ग्रामीणों में नई उम्मीद जगी है। जिला पंचायत सीईओ श्री प्रखर चंद्राकर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी ने यह स्पष्ट कर दिया कि प्रशासन अब अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुंचने के लिए गंभीर है

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